उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक कार पुलिस की गाड़ी से टकराई तो हादसे के साथ करोड़ों के सोने की खेप का राज भी खुल गया। तलाशी हुई तो कार से 10 सोने की ईंटें बरामद हुईं। इनका वजन 10.37 किलोग्राम और कीमत करीब 16 करोड़ रुपये बताई गई है। पकड़े गए दोनों लोगों में एक नेपाल का रहने वाला है। खास बात यह है कि कार गोरखपुर से दिल्ली की तरफ निकली थी। रास्ते में कई जिलों की पुलिस को चकमा देकर कन्नौज तक पहुंच गई। कन्नौज में हादसे के बाद कार की तलाशी ने पूरा खेल खोल दिया।

 

कार गोरखपुर से दिल्ली के लिए निकली थी। रास्ते में संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव और कानपुर नगर जैसे जिलों को पार करते हुए यह कन्नौज की सीमा में दाखिल हुई। करोड़ों का सोना लेकर कार ने लंबा सफर तय किया, लेकिन रास्ते में किसी जांच में इसकी भनक नहीं लगी।

यही अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। इतनी बड़ी कीमत का सोना कार में लेकर सात जिलों को पार करने के दौरान कहीं रोक-टोक क्यों नहीं हुई? क्या कार को रास्ते में जांच से बचाने का कोई इंतजाम था या फिर चालक को भरोसा था कि वह आसानी से दिल्ली पहुंच जाएगा? इन सवालों के जवाब जांच में तलाशे जाएंगे।

पुलिस की गाड़ी से टक्कर ने बिगाड़ दिया पूरा प्लान

22 अगस्त को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सकरावा पुलिस की सरकारी गाड़ी से ब्रेजा कार की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कार की तलाशी ली गई तो एक बैग में सोने की 10 ईंटें मिलीं।यहीं से वह सफर रुक गया, जो गोरखपुर से शुरू होकर दिल्ली पहुंचने वाला था। हादसा नहीं होता तो संभव है कि कार कन्नौज से भी आगे निकल जाती और करोड़ों की यह खेप दिल्ली पहुंच जाती।

 

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ठुठीबारी से फोन आया, गोरखपुर पहुंचा चालक

पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक कार ड्राइवर संदीप जायसवाल ने बताया कि उसे महाराजगंज के ठुठीबारी में परचून की दुकान चलाने वाले रियाज ने फोन कर गोरखपुर पहुंचने के लिए कहा था। संदीप गोरखपुर पहुंचा तो वहां उसे नेपाल का रहने वाला सरोज पन्त मिला।सरोज के पास सोने से भरा सामान था। इसके बाद संदीप को सरोज को कार से दिल्ली ले जाने के लिए कहा गया।

बताया गया कि दिल्ली के दरियागंज पहुंचने के बाद कार का नंबर और एक कोड देखकर किसी अज्ञात व्यक्ति को सोने की खेप सौंपनी थी। ड्राइवर को यह भी नहीं बताया गया था कि दिल्ली में सोना किसके हाथ में देना है। उसे सिर्फ कार नंबर और कोड के आधार पर खेप सौंपनी थी। यह बात सामने आने के बाद मामले में किसी बड़े नेटवर्क की आशंका और गहरा गई है।

नेपाल कनेक्शन ने बढ़ाया तस्करी का शक

मामले में पकड़ा गया सरोज पन्त नेपाल के पाल्पा जिले का रहने वाला है। दूसरी तरफ संदीप महाराजगंज के ठुठीबारी का निवासी है। ठुठीबारी नेपाल सीमा के बेहद करीब होने के कारण नेपाल कनेक्शन ने सोने की तस्करी की आशंका को और मजबूत कर दिया है। जीएसटी टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों से पूछताछ की और सोने से जुड़े कागजात मांगे, लेकिन कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।

 

मामला कस्टम विभाग तक पहुंचा। कस्टम अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ कर सोने की खेप अपने कब्जे में ले ली। सोने के साथ तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। अब इन मोबाइलों की जांच इस मामले की कई कड़ियां जोड़ सकती है। किसने फोन किया, रास्ते में किससे बात हुई, गोरखपुर में सोना किसने दिया और दिल्ली में किसे सौंपा जाना था

 

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दिल्ली तक जुड़ेंगी सोने की कड़ियां

संदीप जायसवाल और सरोज पन्त हिरासत में हैं। कस्टम विभाग मामले की आगे की जांच कर रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सोना कहां से आया, गोरखपुर में किसने सौंपा, ठुठीबारी के रियाज की इसमें क्या भूमिका है, दिल्ली के दरियागंज में इसे किसे दिया जाना था और कार नंबर-कोड के जरिए खेप लेने वाला अज्ञात व्यक्ति कौन था।कन्नौज में हुआ हादसा फिलहाल इस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का सबसे बड़ा सुराग बन गया है। एक टक्कर ने उस कार को रोक दिया, जो सात जिलों को पार कर करोड़ों का सोना लेकर दिल्ली पहुंचने वाली थी।