पश्चिम बंगाल पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 12 और बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। अब तक कुल 15 खाते फ्रीज हो चुके हैं, जिनमें करीब 1,000 करोड़ रुपये जमा बताए जा रहे हैं। कलकलता हाईकोर्ट ने गुरुवार को TMC को 3 HDFC खातों को आंशिक रूप से चलाने की इजाजत दी थी। इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा था कि पार्टी इन पैसे का इस्तेमाल सिर्फ रोजमर्रा के खर्च, स्टाफ की सैलरी और कानूनी खर्चों के लिए कर सकती है। इसके लिए रिटायर्ड जज सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर बनाया गया है। अभी TMC इन 440 करोड़ रुपये का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रही है।
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ED ने इन खातों को फ्रीज क्यों किया?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इन तीनों खातों को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फ्रीज कर रखा है। TMC ने ED के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। कोर्ट यह तय करेगा कि आरोपों में दम है या नहीं, जिसके आधार पर इस रोक को जारी रखा जा सके। ममता बनर्जी ने इन परेशानियों को राजनीतिक साजिश करार दिया है।
क्यों बैंक खाते आए निशाने पर?
विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार हुई है। अब पार्टी में भी टूट पड़ गई है। ममता बनर्जी के करीबी रहे कुछ बागी विधायकों और नेताओं ने बैंक से शिकायत की कि पार्टी के खाते विवादित हैं। उन्होंने फंड्स के स्रोत की जांच की मांग की। इसके बाद बिधाननगर पुलिस के साइबर क्राइम यूनिट ने FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी।
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पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
पुलिस अब इन खातों के मालिकों और लेन-देन की डिटेल मांग रही है। ED भी अलग से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है, जिसमें एक प्राइवेट एविएशन कंपनी, एम्ब्रेयर जेट और अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद का मामला शामिल है। TMC के खातों पर पुलिस और ED दोनों की कार्रवाई चल रही है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी को अपने फंड्स इस्तेमाल करने में दिक्कत हो रही है।
