भारत मेडिकल टूर्जिम के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। हर साल विदेशों से मरीज उचित दाम पर भारत आकर इलाज करवा रहे हैं और स्वस्थ्य होकर अपने देश लौट रहे हैं। मेडिकल क्षेत्र के 'रोबोटिक सर्जरी' में भारत एक नए ग्लोबल लीडर की तरह उभर रहा है। इसमें भी दिल्ली-एनसीआर के अस्पताल अपना लोहा मनवा रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक आने वाले चार सालों में भारत में ओपन सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) तेजी से बढ़ेगी।
दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में मिनिमल एक्सेस, बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर और हेड डॉक्टर विवेक बिंदल के मुताबिक, भारत रोबोटिक सर्जरी के मामले में भारत पूरी दुनिया का हब बन रहा है और इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि आने वाले समय में भारत में रोबोटिक सर्जरी की सुनामी आने वाली है।
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रोबोटिक सर्जरी का दिल्ली-NCR सबसे बड़ा हब
डॉ, बिंदल का कहना है कि अभी देश में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में रोबोटिक द्वारा मरीजों की सर्जरी की जा रही है। आने वाले समय में टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी यह सुविधा होगी। उन्होंने माना कि अभी मरीजों की रोबोटिक सर्जरी करना काफी महंगा है लेकिन समय के साथ देश के अन्य शहरों में जैसे-जैसे इस की सुविधा बढ़ेगी रोबोटिक सर्जरी की कॉस्ट भी घटेगी।
इसके पीछे का गणित समझाने हुए उन्होंने बताया कि देश में जितने ज्यादा अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा होगी, अस्पतालों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। यही प्रतिस्पर्धा रोबोटिक सर्जरी की कॉस्ट को कम करेगी।
क्या कहते हैं रोबोटिक सर्जरी के आंकड़े?
सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कुल 39 अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। इसमें भी 11 अस्पतालों में एक से अधिक रोबोटिक सिस्टम मौजूद हैं। इससे दिल्ली-एनसीआर के अस्पताल रोबोटिक सिस्टम इसंटॉलेशन के लिए देश का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस क्षेत्र में रोबोटिक असिस्टेड प्रोसीजर में भी जबरदस्त बढोतरी देखी गई है।
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आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 में 2,257, 2022 में 3,594, 2023 में 5,024, 2024 में 7,595 और 2025 में 10,397 रोबोटिक सर्जरी की गई हैं। इसके मुताबिक, इन चार सालों में लगभग पांच गुणा बढ़ोतरी देखी गई है।
सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी ने बताया है कि यह बढोतरी कई प्रमुख स्पेशलिटीज में देखी गई है। 2025 में दिल्ली-एनसीआर में लगभग 33 फीसदी रोबोटिक प्रोसीजर जनरल सर्जरी-बिनाइन यानी गैर कैंसर वाले प्रोसीजर थे, 30.2 फीसदी यूरोलॉजी, 22.1 फीसदी गायनेकोलॉजी और 10 फीसदी जनरल सर्जरी मैलिग्रेंट यानी कैंसर वाले प्रोसीजर थे। इसके अलावा सिर, गर्दन, छाती और कार्डियक सर्जरी में भी रोबोटिक प्रोसीजर किए गए हैं।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे क्या हैं?
डॉ. विवेक बिंदल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं। जहां ओपन सर्जरी में मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज करने में हफ्से से दल दिन का समय लग सकता है वहीं इस प्रोसेस में 2-3 दिन में छुट्टी दे दी जाती है। रोबोटिक सर्जरी से मरीज का कम दर्द होता है और खून भी कम बहता है। इसमें मरीज की रिकवरी काफी तेजी से होती है और सत्ती होती है।
उन्होंने बताया कि भारत 2030 तक रोबोटिक सर्जरी में ग्लोबल लीडर बनने की राह पर है। साथ ही कहा कि आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी को आम लोगों के लिए सत्ता कैसे किया जाए इसके लिए काम हो रहा है।
