अमेरिका लगातार पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहा है। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद से तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिकी-पाक दोस्ती के बीच भारत ने चेतावनी दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चेतावनी देते हुए इस रिश्तें को लेकर कहा कि बॉर्डर पार आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को नहीं समझने से भारत और अमेरिकी के आपसी रिश्तों पर असर पड़ेगा।


एक-दूसरे की संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद भारत के लिए खास तौर पर जरूरी मुद्दा है, जिसे पाकिस्तान दशकों से हमारे खिलाफ इस्तेमाल करता आ रहा है।

पाकिस्तान पर साधा निशाना

पाकिस्तान का नाम लिए बगैर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'बहुत कम देश हैं जो कई दशकों से एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपने पड़ोसी की तरफ से आतंकवाद का सामना कर रहे हैं।'

 

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अमेरिका को सुनाई दो टूक

भारत और अमेरिका के रिश्तों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, 'अब, अगर कोई चीज जो हमारे लिए इतनी गहरी मायने रखती है, उसके बारे में पूरी समझ या तारीफ या हमदर्दी नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे भी एक समस्या पैदा होती है। आप जानते हैं कि अगर... मेरी एक मुख्य चिंता को अमेरिका ने पूरी तरह से नहीं समझा तो जाहिर है कि इसका रिश्ते पर असर पड़ता है।' 

 

जयशंकर की यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के UNGA भाषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को खत्म करने के लिए समय पर दखल देने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया था। 

 

विदेश मंत्री सस जयशंकर ने यह बातें एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में कहीं। यहां उन्होंने ट्रेड और टैरिफ पर मतभेदों के बीच दोनों देशों के रिश्तों की स्थिति पर भी अपनी बात रखी।  

 

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रखा बात

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका जिस ट्रेड डील को अंतिम रूप दे रहे हैं, उससे रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते तक पहुंचने में जो समय लगा, उससे रिश्तों में रुकावटें आई हैं। जयशंकर ने कहा कि ध्यान रखें, भारत छोटे प्रोड्यूसर, छोटे खेती करने वाले प्रोड्यूसर, छोटी फैक्ट्रियों का देश है। भारत और अमेरिका के बीच प्रति व्यक्ति अंतर के अलावा, प्रोडक्शन का नेचर, समाज का नेचर बहुत अलग है।