ईरान में आर्थिक संकट की वजह से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गए हैं। लोग महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा के गिरते मूल्य से परेशान हैं। ईरानी रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे रोजमर्रा की चीजें बहुत महंगी हो गई हैं।
प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर नारे लगा रहे हैं। लोग तानाशाही खत्म हो और इस्लामिक रिपब्लिक नहीं चाहिए जैसे नारे लगा रहे हैं। कुछ जगहों पर लोग पुराने इस्लामि शासन के समर्थन में भी नारे लगा रहे हैं। लोगों में ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ गुस्सा है।
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ईरान में हो क्या रहा है?
निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से अपील की है कि वे एकजुट होकर प्रदर्शन करें। उन्होंने 8 और 9 जनवरी को शाम 8 बजे घरों से या सड़कों पर नारे लगाने का आह्वान किया था, जिसके बाद तेहरान सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
ईरान में फोन और इंटरनेट सेवाएं ठप
सरकार ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए इंटरनेट और फोन सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक कम से कम 40-45 लोगों की मौत हो चुकी है और 2200 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या धमकी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारना शुरू किया गया तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अगवा करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप छोटे देशों को धमका रहे हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड को धमकी दी थी, अब उन्होंने ईरान को धमकी दी है। उन्होंने ईरान पर हमला करने की बात कही है।
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डोनाल्ड ट्रंप:-
अगर वे लोगों को मारने लगे, जैसा वे अक्सर करते हैं तो हम उन्हें बहुत जोरदार जवाब देंगे।
ईरान ने ट्रंप की धमकी पर क्या कहा?
ईरान की सरकार ने ट्रंप की धमकी को खारिज किया है और कहा कि यह उनके आंतरिक मामलों में दखल है। सुप्रीम लीडर अअयातुल्ला खामेनेई पर दबाव बढ़ रहा है। प्रदर्शन अभी भी जारी हैं और आने वाले दिनों में इनके और बढ़ने की आशंका है। दुनिया भर की नजरें ईरान पर टिकी हैं।
