आज के जिस दौर में हम रह रहे हैं उसमें बिना स्क्रीन के आगे बैठे कम नहीं चल सकता है। ऑफिस का काम, ऑनलाइन क्लास और खाली समय में सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने की हमें आदत है। हम अपना ज्यादातर समय स्क्रीन के सामने ही बिताते हैं। इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। घंटों स्क्रीन देखने की वजह से सिर्फ आंखें ही नहीं खराब होती है बल्कि डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है।
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह सच है। घंटों स्क्रीन देखने के कारण हम एक ही जगह पर घंटों बैठे रहते हैं। इसकी वजह से फिजिकल एक्टिविटी भी कम होती है। स्क्रीन टाइम बढ़ने से सेडेंटरी लाइफस्टाइल को बढ़ावा मिलता है जिसकी वजह से सीधे तौर पर ब्लड शुगर, मोटापा, नींद नहीं आना समेत अन्य समस्याएं होती हैं। फिजिकल ऐक्टिविटी नहीं होने की वजह से कैलोरी बर्न नहीं होती है इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है जिसकी वजह से शरीर इंसुलिन का सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है।
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कैसे बढ़ा रहा है डायबिटीज का खतरा?
जब आप स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते हैं। इस दौरान अलग-अलग तरह के रिफाइंड कार्ब्स वाले स्नैक्स खाते हैं। ये चीजें शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाने का काम करती है। इसके अलावा स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू रे शरीर में मेलेटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है जिसका असर आपके स्लीप पैटर्न पर पड़ता है।
रिसर्च में क्या पाया गया?
Mendelian randomization की स्टडी में बताया गया है कि बहुत ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से डायबिटीक रेटिनोपैथी का खतरा बढ़ सकता है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें व्यक्ति की दृष्टि कमजोर हो सकती है और अंधापन तक हो सकता है।
Diabetes, Obesity and Metabolism की स्टडी में पाया गया कि जो लोग रोजाना 5 घंटे से ज्यादा स्क्रीन देखते हैं उनमें डायबिटीज होने का खतरा उन लोगों की तुलना में 26% अधिक पाया गया जो स्क्रीन टाइम को एक घंटे से कम रखते है।
डायबिटीज होने के क्या कारण हो सकते हैं?
- लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना।
- देर रात तक स्क्रीन देखने से नींद की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है।
- स्क्रीन देखते समय बार-बार जंक फूड खाना
ये सभी आदतें आपके मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है और ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को पहले से डायबिटीज की समस्या थी उनमें स्क्रीन टाइम ज्यादा पाया गया है।
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कितने लोग डायबिटीज से प्रभावित?
भारत में टाइप 2 डायबिटीज के मामले ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 77 मिलियन लोग डायबिटीज जिनकी उम्र 18 से ज्यादा है और 25 मिलियन लोग प्री डायबिटिक है।
डायबिटीज के लक्षण क्या है?
- अधिक प्यास लगना
- रात के समय में बार-बार पेशाब आना
- एक दम से वजन घटना
- बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
- धुंधला दिखना
- मुंह सूखना
- हाथ-पैर सुन्न पड़ना
