उम्र बढ़ने की वजह से चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं दिखती हैं। हर व्यक्ति अपनी त्वचा को जवां और खूबसूरत बनाए रखने के लिए तमाम तरह के प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करता है। कुछ लोगों पर प्रोडक्ट्स का असर दिखता है। कुछ लोगों को इसका फायदा नहीं मिलता है। क्या आप जानते हैं त्वचा के लिए सबसे जरूरी कोलेजन है। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो त्वचा, बालों, नाखूनों, लिगामेंट्स, ब्लड वेसल्स, इंटेस्टाइन में पाया जाता है। आज कल कोलेजन वाले प्रोडक्ट्स की डिमांड मार्केट में बढ़ गई है। मार्केट में कोलेजन सप्लीमेंटस पाउडर, कैप्सूल समेत विभिन्न चीजें हैं।

 

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन का लेवल कम हो जाता है। इस वजह से त्वचा में ढीलापन आता है। ढीलापन आने की वजह से त्वचा में महीन रेखाएं और झुर्रियां दिखने लगती हैं। कोलेजन की मदद से त्वचा में कसावट लाने का काम करता है, डेड स्किन को हटाता है और लचीलापन बढ़ता है।

 

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क्या होता है कोलेजन?

कोलेजन एमिनो एसिड से बनी लेयर होती है। इस प्रोटीन को बनाने के लिए शरीर को विटामिन सी, जिंक, कॉपर और मैगनींज की जरूरत पड़ती है। इसे शरीर में बनाए रखने के लिए डाइट में उन चीजों को शामिल करें जो कोलेजन को बूस्ट करने का काम करता है। National Library Of Medicine की रिपोर्ट के मुताबिक कोलेजन वाली चीजें एजिंग और झुर्रियों की समस्या को कम करने का काम करती है। कोलेजन की मात्रा को बढ़ाने के लिए डाइट में इन चीजों को शामिल करें। इस लिस्ट में चिकन, फिश, अंडे की सफेद जर्दी, खट्टे फल, बैरिज और लहसुन समते अन्य चीजों का नाम शामिल हैं।

एजिंग को कम करने के लिए खाएं ये सप्लीमेंट्स

विटामिन सी- विटामिन सी पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है और कोलेजन के लेवल को बढ़ाने का काम करता है। ये आपकी त्वचा में निखार लाता है और एंटी एजेंट की तरह काम करता है। ये शरीर की कोशिकाओं को भी बूढ़ा नहीं होने देता है।

 

विटामिन ई- विटामिन ई त्वचा को ड्राइनेस से बचाने के काम करता है। विटामिन ई भी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। 

 

ओमेगा 3 फैटी एसिड- ये त्वचा में इंफ्लेमेशन को कम करता है, साथ ही त्वचा को हाइड्रेट रखने का काम करता है। इसके अलावा दिल के लिए भी अच्छा होता है। कुछ स्टडी के मुताबिक ओमेगा 3 एजिंग को धीमा करने का काम करता है।

 

करक्यूमिन- करक्यूमिन हल्दी में पाया जाता है। कुछ लोग हल्दी वाला उबटन लगाते हैं। ये पावरफुल एंटी इन्फ्लेमेटरी है जो एजिंग को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा शरीर के अंदर इफ्लेमेशन या रेडनेस की समस्या को कम करने का काम करता है।

 

रेसवेरेट्रॉल (resveratrol)- रेसवेरेट्रॉल शरीर में एंटी एजेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी की तरह शरीर में काम करता है। ये आपके हार्ट और ब्रेन के लिए फायदेमंद होता है। ये पदार्थ खासतौर से अंगूर और बैरिज में पाया जाता है।

 

कोएंजाइम Q10 (CoQ10)- कोएंजाइम Q10 एनर्जी को बढ़ाता है। साथ ही थकान और एंटी इंफ्लेमेशन को कम करने का काम करता है। उम्र के साथ शरीर में Q10 का लेवल कम हो जाता है।

 

कोलेजन- त्वचा में लचीलेपन को बनाए रखने के लिए कोलजन जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन की मात्रा कम होने लगती है। इस वजह से आपके माथे और आंखों के आस-पास झुर्रियां दिखाई देनी लगती है।

 

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क्या बिना डॉक्टर के कोलेजन सप्लीमेंट लेना चाहिए?

डॉक्टर की सलाह के बिना कोलेजन वाला सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग है। बाजार में विभिन्न प्रकार के सप्लीमेंट्स मिलते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें।

 

गलत डोज का खतरा- हर व्यक्ति की उम्र, शरीर और पोषक तत्वों की जरूरत अलग है। अगर आप बिना जांच के कोलेजन सप्लीमेंट्स लेते हैं तो हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या बढ़ सकती है। 

 

एलर्जी - कुछ लोगों को सप्लीमेंट्स शूट नहीं करता है जिसकी वजह से त्वचा में खुजली, रैशेज और सूजन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो उसके साथ रिएक्ट करने का खतरा भी बढ़ जाता है।