कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की लड़ाई खत्म होने के बाद अब कांग्रेस हाईकमान कैबिनेट बनाने और नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चुनने में जुट गया है। डीके शिवकुमार जल्द ही नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को हो सकता है। कैबिनेट में कुल 34 सदस्य हो सकते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
दलित और लिंगायत समुदाय के कई वरिष्ठ नेता उप-मुख्यमंत्री पद और अहम विभागों की मांग कर रहे हैं। जी परमेश्वर, केएच मुनियप्पा, प्रियंक खड़गे, एमबी पाटिल और ईश्वर खांड्रे जैसे नेता इस दौड़ में हैं। सिद्धारमैया की पुरानी कैबिनेट के करीब 15 मंत्रियों को नए कैबिनेट में रखा जा सकता है।
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में कुर्सी के लिए 'कलह', फिर भी कांग्रेस का पंजाब जैसा हाल क्यों नहीं?
क्यों बढ़ेंगी डीके शिवकुमार की मुश्किलें?
पहले चार उप-मुख्यमंत्री बनाने की बात चल रही थी, लेकिन अब एक या दो तक सीमित करने की तैयारी है। TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने पर बेंगलुरु विकास और वित्त विभाग अपने पास रखना चाहते हैं। गृह मंत्री जी परमेश्वर वित्त विभाग की मांग कर रहे हैं, जबकि केएच मुनियप्पा और एचके पाटिल जल संसाधन विभाग चाहते हैं। अब इन मांगों पर खुद डीके शिवकुमार फंस गए हैं।
KPCC पद के लिए भी माथापच्ची
एमबी पाटिल अपने इंडस्ट्रीज विभाग को बचाने की कोशिश में हैं। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की बैठक हुई, जिसमें कैबिनेट, नए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी चीफ और राज्यसभा चुनाव पर चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें: विधानसभा में 'नमस्ते सदा वत्सले' क्यों बोलने लगे DK शिवकुमार?
लिंगायत चेहरे को मिलेगा मौका?
नए KPCC अध्यक्ष के लिए सतीश जारकीहोली का नाम सबसे आगे था लेकिन वह उप-मुख्यमंत्री और अध्यक्ष दोनों पद चाहते हैं। अब हाईकमान दलित या लिंगायत नेता को यह जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है।
सिद्धारमैया को बड़ा मौका मिल पाएगा?
जी परमेश्वर और एमबी पाटिल के नाम भी इसमें शामिल हैं। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को अहम विभाग दिए जाने की संभावना है। मुस्लिम नेताओं यूटी खादेर, जमीर अहमद खान, एनए हरीस और सलीम अहमद को भी मंत्रिपद मिल सकता है।
नई कैबिनेट में 20 नए चेहरे हो सकते हैं शामिल
कोलार जिले के कांग्रेस नेताओं ने खड़गे से मुलाकात कर तीन मंत्रिपदों की मांग की है। लिंगायत विधायकों ने भी कैबिनेट में ज्यादा प्रतिनिधित्व और उप-मुख्यमंत्री पद की मांग की है। सूत्र बताते हैं कि नए कैबिनेट में कम से कम 20 नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।
