पंजाब की राजनीति में शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा। शुक्रवार को पंजाब नगर निकाय चुनावों के नतीजे आए। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन चुनावों में पूरे विपक्ष को साफ कर दिया है। चार साल से ज्यादा सरकार चलाने के बावजूद AAP ने एक तरफा जीत हासिल कर ली है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तो ज्यादातर जगहों पर जमानत भी जब्त हो गई। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। वैसे तो निकाय चुनावों का राज्य स्तर पर इतना असर नहीं पड़ता है लेकिन कुछ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य की राजनीति में इसका गहरा असर देखने को मिलेगा। यही कारण है कि तमाम राजनीतिक दलों ने अपना पूरा जोर इन चुनावों में लगा दिया था।
नगर निगम और नगर पंचायतों समेत तमाम सीटों को मिलाकर इन चुनावों में कुल 1977 सीटों पर वोट डाले गए थे। इनमें 8 नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतें शामिल थीं। ज्यादातर पार्टियों ने अपने पार्टी सिंबल पर ही उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था और नतीजा आम आदमी पार्टी के पक्ष में आया। इन चुनावों में विपक्ष सत्तारूढ़ पार्टी को टक्कर नहीं दे पाया है लेकिन विपक्ष ने आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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AAP - 958
कांग्रेस - 397
अन्य - 251
अकाली दल - 192
BJP - 172
BSP - 7
8 नगर निगमों में कौन जीता?
- कपूरथला- कांग्रेस
- अबोहर- बीजेपी
- पठानकोट- बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी (22/50) लेकिन बहुमत से दूर
- बठिंडा- AAP
- मोगा-AAP
- बरनाला-AAP
- बटाला-AAP
- मोहाली- AAP
बीजेपी का बुरा हाल
पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के तमाम नेता कह रहे हैं कि अब पंजाब की बारी है लेकिन पंजाब ने उन्हें बड़ा झटका दे दिया है। बीजेपी यहां पांचवें नंबर पर रही जो सिर्फ बहुजन समाजवादी पार्टी से आगे है। सरकार बनाने का दावा करने वाली बीजेपी को ज्यादातर जगहों पर हार मिली। हार से भी ज्यादा झटका तो बीजेपी के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने से लगा है। AAP का दावा है कि बीजेपी के उम्मीदवारों की 1000 से ज्यादा सीटों पर जमानत जब्त हो गई है। पंजाब में मोदी मैजिक खत्म हो जाता है या बेअसर हो जाता है। इसके पीछे कई कारण है। हिंदू आबादी का कम होना और संगठन का ना होना दो मुख्य कारण माने जाते हैं।
सत्ता पक्ष का दावा
सत्ता पक्ष यानी AAP पार्टी इन चुनावों को अपनी जीत बता रहे हैं और सरकार के पक्ष में माहौल बता रही है। जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे ऐतिहासिक जनादेश करार दिया है।सीएम मान ने कहा कि चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया है कि AAP अब प्रदेश की राजनीति में मजबूती से स्थापित हो चुकी है और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी फाइनल में पहुंच गई है। पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने इन नतीजों पर कहा कि लोगों ने ये ऐतिहासिक वोट देकर भगवंत मान सरकार के कामों को शाबाशी दी है। ऐसे ही हम अच्छे काम आगे भी करते रहेंगे।
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विपक्ष ने लगाए आरोप
जहां AAP इसे अपनी जीत बता रही है, वहीं विपक्ष इसे वोट चोरी बता रहा है। कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी के 210 नामांकन रद्द किए गए। कुल 750 कुल नामांकन रद्द किए गए। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने सिंबल पर जहां उम्मीदवार उतारे थे वहां ज्यादातर जगहों पर हम जीते हैं। जहां हमारे नामांकन रद्द किए गए उन सीटों पर हमने जीत दर्ज की है। इन चुनावों में कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल लगातार धांधली के आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी ने तो इसे वोट चोरी तक कह दिया था। इसके साथ ही कई जगहों पर विपक्षी उम्मीदावारों के नामांकन रद्द करने पर भी जमकर बवाल हुआ था।
