अक्सर कुछ लोगों के जीवन में संघर्ष बेहद अधिक होता है। उन्हें बचपन से आर्थिक तंगी और दुखों का सामना करना पड़ता है। कड़ी मेहनत के बाद ही वे सुख-समृद्धि प्राप्त कर पाते हैं। इसके ठीक उलट कुछ लोगों का जन्म अमीर परिवार में होता है, जिन्हें पूरे जीवन कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। इन लोगों को करियर बनाने में भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, वे अपने पिता के कारोबार को ही आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में आपके मन में सवाल उठता होगा कि भगवान किसी को अमीर और किसी को गरीब घर में क्यों जन्म दिलाते हैं। इस सवाल का जवाब हिंदू धर्म ग्रंथ गरुड़ पुराण में छिपा है। गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति के इस जन्म के कर्मों के आधार पर अगले जन्म में अमीरी या गरीबी मिलती है।
गरुड़ पुराण सनातन धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें व्यक्ति के जीवन, मृत्यु और कर्म चक्र के बारे में बताया गया है। इसमें व्यक्ति के कर्मों के बारे में खास बातें कही गई हैं। गरुड़ पुराण में कर्मों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है पाप कर्म, पुण्य कर्म और मिश्रित कर्म। इन्हीं कर्मों के आधार पर व्यक्ति को अगले जन्म में दुख या अमीरी मिलती है। अब सवाल उठता है कि कर्मों की इन श्रेणियों में किस प्रकार के कर्म आते हैं। साथ ही यह भी सवाल उठता है कि किन कर्मों के आधार पर लोग अगले जन्म में अमीर या गरीब होते हैं।
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किस प्रकार के होते हैं कर्म?
पुण्य कर्म - जो व्यक्ति अपने जीवन में दूसरों की भलाई के लिए काम करता है, गरीबों को दान देता है, माता-पिता की सेवा करता है और मंदिर सेवा करता है, इस प्रकार के कर्मों को गरुड़ पुराण में पुण्य कर्म माना गया है।
पाप कर्म - जो व्यक्ति अपने जीवनकाल में दूसरों को परेशान करता है, किसी व्यक्ति का हक छीनता है, अपराध करता है जैसे चोरी, हत्या और जालसाजी, तो इन कर्मों को पाप कर्म की श्रेणी में रखा गया है।
मिश्रित कर्म - जिन लोगों के मन के विचार अच्छे नहीं होते, लेकिन वे अच्छे काम भी करते हैं, जैसे दूसरों की कठिन परिस्थिति में मदद करना। इस प्रकार के कर्मों को मिश्रित कर्म कहा गया है।
गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद यमराज की सभा लगती है, जहां व्यक्ति के कर्मों का पूरा लेखा-जोखा दिया जाता है। इसी के आधार पर व्यक्ति के अगले जन्म की रूपरेखा तय की जाती है।
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अमीरी दिलाने वाले कर्म
1. दान करना - गरुड़ पुराण के मुताबिक, जो व्यक्ति हमेशा दूसरों से कुछ लेने के बजाय दूसरों को देने का भाव रखता है, उसे अगले जन्म में धन की कमी नहीं होती।
2. मंदिर की सेवा - जो लोग मंदिर में साफ-सफाई करते हैं, साथ ही मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं, उन्हें अगले जन्म में सुख-समृद्धि मिलती है।
3. बड़ों की सेवा - जो लोग अपने माता-पिता और गुरुओं की सेवा करते हैं, उन्हें बड़ों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे उन्हें अगले जन्म में अच्छा परिवार मिलता है।
खराब कर्मों से मिलता है दुख
1. हक छीनना - जब हम इस जन्म में दूसरों का हक छीनते हैं, जैसे जमीन या धन छीनना या चोरी करना, तो अगले जन्म में गरीबी का सामना करना पड़ता है।
2. धोखा देना - जो व्यक्ति किसी को दोस्ती या प्रेम में धोखा देता है, वह अगले जन्म में ऐसे परिवार में जन्म लेता है, जहां उसे परिवार की तरफ से प्रेम नहीं मिलता।
3. क्रूरता - जो लोग दूसरों पर अत्याचार करते हैं या मारपीट करते हैं, उन्हें अगले जन्म में अकेलेपन का सामना करना पड़ता है।
