भारतीय टीम ने रविवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली इस ऐतिहासिक जीत के कुछ ही घंटे बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, हेड कोच गौतम गंभीर और ICC चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ पूजा अर्चना की, जिस पर बवाल हो गया है।
ट्रॉफी को मंदिर ले जाए जाने पर पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने सूर्यकुमार यादव और जय शाह को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है। यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं।
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'सिराज कभी ट्रॉफी मस्जिद नहीं ले गए'
1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने सवाल किया कि ट्रॉफी को मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा क्यों नहीं ले जाया गया? उन्होने X पर लिखा, 'शर्म करो इंडिया टीम इंडिया। जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि इंडिया-भारत-हिंदुस्तान लाए थे।'
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अपने पोस्ट में कीर्ति आजाद ने आगे लिखा, 'अभी भारतीय क्रिकेट टीम की ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं। सिराज कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू कभी इसे चर्च में नहीं ले गए। संजू ने इसमें अहम भूमिका निभाई और वह टूर्नामेंट के बेस्ट खिलाड़ी रहे। यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है। किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं।'
