फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबापे का लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया लेकिन चार साल पहले गोल्डन बूट जीतने वाले एमबापे इस बार भी अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से टॉप पर बने हुए हैं। सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ 0-2 की हार के दौरान एमबापे अपनी टीम के लिए ज्यादा मौके नहीं बना सके। उनके और मेसी के नाम अब तक 8-8 गोल दर्ज हैं। 

 

मेसी की टीम अर्जेंटीना बुधवार को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इस मुकाबले को जीतने वाली टीम फाइनल में स्पेन के खिलाफ खेलेगी। फ्रांस अब शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के मुकाबले में दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम से भिड़ेगा। अगर एमबापे इस मुकाबले में भी गोल करते हैं तो वह गोल्डन बूट जीतने की रेस में बने रहेंगे।

 

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सेमीफाइनल में नहीं चला एमबापे का जादू  

स्पेन के खिलाफ मुकाबले के पहले हाफ में एमबापे ने सभी फॉरवर्ड खिलाड़ियों में सबसे कम केवल 15 बार गेंद को छुआ। उनका सबसे उल्लेखनीय क्षण वह रहा, जब उन्होंने रेफरी इवान बार्टन को यह समझाने की कोशिश की कि स्पेन को मिली पेनल्टी को नहीं दिया जाना चाहिए था। स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल ने इसे गोल में बदल कर टीम का खाता खोला।  

 

एमबापे के पास मैच में सबसे अच्छा मौका 67वें मिनट में आया, जब उनका शॉट स्पेन के डिफेंडर मार्क कुकुरेला से टकराकर थोड़ा बाहर चला गया। हालांकि उस समय तक फ्रांस दो गोल से पिछड़ चुका था। इस 27 साल के खिलाड़ी को 86वें मिनट में पीला कार्ड दिखाया गया। वह स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन की ओर तेजी से बढ़े, जब सिमोन झुककर गेंद उठाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों के बीच टक्कर हुई, जिसके बाद सिमोन मैदान पर गिर गए।

 

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एमबापे ने पिछले एडिशन में भी दागे 8 गोल 

एमबापे ने स्पेन के खिलाफ मुकाबले में शुरुआती एकादश में वापसी की थी। इससे पहले मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में वह 77वें मिनट में मैदान से बाहर चले गए थे। उस मुकाबले में उन्होंने टूर्नामेंट का अपना आठवां गोल किया था। एमबापे ने चार साल पहले कतर वर्ल्ड कप में भी आठ गोल किए थे, जहां फाइनल में फ्रांस को मेसी और अर्जेंटीना के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था। इससे आठ साल पहले रूस में हुए वर्ल्ड कप में फ्रांस ने क्रोएशिया को हराकर चैंपियन बना था।