टी20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद टीम से अचानक हटाए जाने पर सूर्यकुमार यादव ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें फोन पर यह बात पता चली तो उन्हें बहुत झटका लगा था और डेढ़ महीने तक घर पर रहने के दौरान उनके दिमाग में यही बात घूमती रही कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद किसी को टीम से बाहर कैसे किया जा सकता है।

 

अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने बड़ा कदम उठाया और सूर्यकुमार यादव को आने वाली सीरीज के लिए टीम में नहीं रखा। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को नया टी20 कैप्टन बना दिया गया। कमिटी ने यह फैसला पूरी तरह से फ्यूचर की प्लानिंग को ध्यान में रखकर लिया था।

 

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IPL  का असर

सूर्यकुमार यादव को टीम से हटाने की सबसे बड़ी वजह पिछले दो सालों से उनकी खराब बैटिंग फॉर्म रही है। साल 2025 के दौरान वह इंडिया की जर्सी में एक भी फिफ्टी नहीं बना पाए थे। इसके अलावा, टी20 वर्ल्ड कप में भी उनका बल्ला शांत रहा और उनका एकमात्र प्रदर्शन उनके घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में यूएसए के खिलाफ आया था। साथ ही आईपीएल में भी उनका खेल उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था जिससे उनके बाहर होने की राह लगभग तय हो गई थी।

 

भले ही इंडिविजुअल रूप से उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हों लेकिन कैप्टन के रूप में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड एकदम शानदार और बेदाग रहा। उनकी कप्तानी में इंडिया ने एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी और देश की धरती पर टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। यही वजह थी कि सूर्यकुमार का मानना था कि वह अगले दो सालों तक यानी ओलंपिक और आगामी टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम को आगे ले जाने का काम जारी रखेंगे। जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने खुद से सवाल किया कि आखिरकार जब सब कुछ अच्छा चल रहा था तो इस बदलाव की क्या जरूरत थी।

अनाउंसमेंट से तीन दिन पहले आया था कॉल

सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि सिलेक्शन कमिटी ने टीम की ऑफिशियल अनाउंसमेंट से ठीक दो-तीन दिन पहले उन्हें फोन पर कॉन्टैक्ट किया था। कमिटी ने उन्हें साफ शब्दों में बता दिया था कि अब आगे बढ़ने का टाइम आ गया है। इस बात पर सूर्यकुमार ने कोई हंगामा या गुस्सा नहीं दिखाया, उनका मानना था कि कमिटी ने टीम के हित में ही यह फैसला सोचा होगा।

 

सूर्यकुमार यादव ने बताया कि जब उनका नाम टीम में नहीं था तो उन्होंने सिचुएशन को समझते हुए शांत रहकर मुस्कुराना ही बेहतर समझा। हालांकि, अंदर से वह बहुत उदास और निराश जरूर थे। उन्होंने शेयर किया कि वह लगातार डेढ़ महीने तक अपने घर पर ही रहे जहां उनके फ्रेंड्स और फैमिली वाले मिलने आए और सभी ने समझाया कि यह गेम का एक हिस्सा है।  जब सब लोग चले जाते थे और वह अकेले होते थे तो उनके दिमाग में बार-बार यही सवाल घूमता था 'यह कैसे पॉसिबल है? हमने तो अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता है।'

 

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आगे की तैयारी पर बात

सूर्यकुमार ने साफ किया कि उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ बहुत क्रिकेट खेला है और श्रेयस एक अच्छे इंसान तथा शानदार कैप्टन हैं। उनके मन में श्रेयस को कैप्टन बनाए जाने को लेकर कोई पर्सनल कड़वाहट या सवाल नहीं था। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा रेडी हैं कमिटी जब भी उचित समझे और जब भी टीम को उनकी जरूरत हो वह दोबारा मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।