बिहार के गया जी में निगरानी विभाग ने रिश्वत लेते कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विभाग की टीम ने जमीन सर्वे में लगे दो कर्मचारियों को कथित तौर पर 7 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपू कुमार और अभिषेक कुमार की रूप में हुई है। घटना शहर के काशीनाथ मोड़ के पास की है। दोनों कर्मचारी अंचल क्षेत्र में जमीन सर्वे से जुड़े कार्य में लगे थे। निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर केमिकल लगे नोट के जरिए दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद विभाग की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई। यहां उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। 

 

इस मामले में पीड़ित ने पुलिस शिकायत की थी। पीड़ित को सर्वे कर्मचारी काम के लिए बार-बार दौड़ा रहे थे। जब वह अपना काम लेकर गया तो कर्मचारियों ने कहा 'बिना पैसा दिए काम नहीं होगा, 7 हजार रुपये दो, तो काम हो जाएगा।' पीड़ित ने पहले तो पैसे देने से मना कर दिया। कर्मचारियों के बार-बार दबाव करने डालने पर पीड़ित ने निगरानी विभाग से शिकायत करने का फैसला किया।  

केमिकल लगे नोट को बनाया हथियार

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले का अपने स्तर पर वेरिफिकेशन किया। जब विभाग को आरोपी पर शक करने के पर्याप्त मैटेरियल मिल गए तो टीम ने एक जाल बिछाया। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता पीड़ित को केमिकल लगे नोट दिए और उसे बताए गए स्थान पर भेजा। शिकायतकर्ता जब कथित रिश्वत की रकम लेकर काशीनाथ मोड़ के समीप पहुंचा, तो दोनों कर्मचारी वहां पहले से मौजूद थे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने उन्हें 7 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए निगरानी विभाग की टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। 

 

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टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई। वहां उनसे पूछताछ की जा रही है। निगरानी विभाग ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

 

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'सर्वे में आम लोगों को परेशान किया जा रहा'

बता दें कि बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है। इस दौरान सर्वे कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के कई आरोप लग रहे हैं। गया में भी कई लोगों ने शिकायत की थी कि सर्वे के नाम पर उनसे पैसा मांगा जा रहा है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद सर्वे से जुड़े अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।

 

काशीनाथ मोड़ पर निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने निगरानी विभाग की कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि जमीन सर्वे में गरीब लोगों को काफी परेशान किया जा रहा है। हर काम के लिए पैसा मांगा जाता है। निगरानी की इस कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों को सबक मिलेगा।