पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई अभी कार्रवाई शुरू नहीं हुई है लेकिन सीएम के एलान के बाद असर दिखना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी में बैठक के बाद साफ चेतावनी देते हुए घुसपैठियों को कहा कि जल्दी जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए घुसपैठियों को जल्द से जल्द बांग्लादेश वापस भेजा जाए। उनकी चेतावनी का असर भी देखने को मिल रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के बिथारी-हाकिमपुर बॉर्डर पर सैकड़ों बांग्लादेशी बिना दस्तावेजों के भारत से जाने की कोशिश कर रहे हैं।
बांग्लादेश वापिस जा रहे एक युवक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब उन्हें यहां रहने नहीं दे रहे हैं तो जा रहे हैं। युवक ने कहा, 'मैं पिछले तीन सालों से यहां पर रह रहा हूं और यहां काम कर रहा हूं। अब हमें यहां काम नहीं मिल रहा है और ना ही हमें कोई यहां रहने दे रहा है। हमें यहां कोई दूसरा व्यक्ति लेकर आया था।' उसने बताया कि उसके पास कोई भी भारतीय दस्तावेज नहीं है और अब मैं खुद से ही वापस जा रहा हूं।
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बांग्लादेश लौट रहे घुसपैठिए
सीएम की चेतावनी के बाद और बीजेपी सरकार बनने के बाद उत्तर 24 परगना जिले के भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में अचानक हलचल बढ़ गई। सैकड़ों लोग सीमा की ओर बढ़ते दिखाई दिए जिनमें ज्यादातर बांग्लादेशी लोग थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में प्रशासन और सख्ती करेगा और अवैध तरीके से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। इसी डर के कारण कई परिवारों ने खुद ही वापस लौटने का रास्ता चुन लिया।
सीएम की चेतावनी
पूरा मामला तब और गरमा गया जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से अवैध घुसपैठियों को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय नागरिकता कानून के दायरे में नहीं आते, उन्हें देश छोड़ना होगा। उन्होंने प्रशासन को भी तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति के तहत कड़ा ऐक्शन लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस नीति के जरिए राज्य में सभी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का पता लगाया जाएगा और उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा। ऐसी नीति लागू होने के बाद, अधिकारी ने कहा कि कहा जा रहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को एक दिन भी भारत में नहीं रहना चाहिए।
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होल्डिंग सेंटर्स शुरू
मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में अवैध घुसपैठिओं के लिए दो होल्डिंग सेंटर्स शुरू किए गए हैं। पहले ही दिन 12 संदिग्ध बांग्लादेशियों को वहां शिफ्ट किया गया। सीएम के साफ निर्देश हैं कि अवैध
बांग्लादेशियों को कोर्ट भेजने की जरूरत नहीं है। पुलिस सीधे ही उन्हें बीएसएफ को सौंप सकती है। भारत-बांग्लादेश समझौते के तहत बीएसएफ उनकी पहचान सत्यापित कर वापसी सुनिश्चित करेगा।
