महाराष्ट्र के मुंबई में बकरीद पर कुर्बानी को लेकर लोगों ने विरोध जताया है। कुछ लोगों ने बताया है कि खुले में कुर्बानी करने से गंदगी फैल जाती है, साथ ही पूरे इलाके में बदबू फैल जाती है। इसी वजह से घाटकोपर और गोकुलधाम इलाके के लोगों ने पुलिस थाने में शिकायत की है। साथ ही इस मामले को लेकर लोगों ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में भी शिकायत की है ताकि इलाके में कुर्बानी न हो। लोगों की शिकायत के बाद बीएमसी ने घाटकोपर इलाके में कुर्बानी की इजाजत नहीं दी।
मुंबई के घाटकोपर इलाके सागर पार्क में रहने वाले लोगों ने बीएमसी और पुलिस को शिकायत दी थी। इस विवाद के चलते बीएमसी ने कुर्बानी के लिए जगह देने की मांग को नकार दिया है। मुंबई के दूसरे इलाके गोरेगांव के गोकुलधाम में रहने वाले लोगों ने भी कुर्बानी न कराने की मांग की थी। हालांकि, अभी तक गोरेगांव के गोकुलधाम में कुर्बानी की इजाजत रद्द नहीं की गई है। पिछले साल गोकुलधाम के लोगों ने कुर्बानी को लेकर शिकायत की थी, तो कुर्बानी की प्रक्रिया रद्द करा दी गई थी।
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परंपरा को लेकर नहीं जताई आपत्ति
घाटकोपर और गोकुलधाम के लोगों ने जाहिर किया है कि उन्हें बकरीद त्योहार की परंपरा से कोई आपत्ति नहीं है। इसके बजाय उन्हें इस बात से परेशानी है कि सोसायटी में बकरी रखने से जगह-जगह पेशाब और बदबू फैलती है। इसके बाद कुर्बानी में बकरी का खून आसपास फैल जाता है, जिससे गंदगी फैल जाती है।
इस मामले को लेकर घाटकोपर के सागर पार्क सोसायटी के लोगों ने सोसायटी के चेयरमैन पर आरोप लगाया है। आरोप के मुताबिक चेयरमैन ने बीएमसी से एनओसी साइन कराकर कुर्बानी की इजाजत ले ली थी, जबकि उन्होंने सोसायटी के बाकी सदस्यों से इसे लेकर कोई बात नहीं की थी।
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शिकायत में क्या लिखा?
लोगों ने पुलिस शिकायत पत्र में बॉम्बे के पुराने आदेश का जिक्र किया था, जिसके आधार पर बीएमसी लोगों को एक अलग जगह उपलब्ध कराती है जहां कुर्बानी हो सके। कुर्बानी सोसायटी में हो, इसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। लोगों की शिकायत सुनने के बाद बीएमसी ने फैसला लिया। इस फैसले के अनुसार घाटकोपर के सागर पार्क सोसायटी में कुर्बानी नहीं की जाएगी।
