बॉलीवुड अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से 16. 24 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। इस मामले में मुंबई के क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार कर लिया था। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इस केस में बीएमसी के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें 5 जून को नोटिस भेजा गया था। 7 जून से इस नोटिस का पालन होना था। वह नोटिस जारी होने के बाद से लापता चल रहे हैं जिसकी वजह से जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई।
खार पुलिस स्टेशन में पाटिल समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। आरोपियों ने खुद को बड़े बिल्डरों और सरकारी अधिकारियों से जुड़ा बताकर हबीबा जाफरी को फंसाया था।
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महेश पाटिल पर पहले भी लगे थे आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक महेश पाटिल को पिछले साल नंवबर में उसी बांद्रा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े अनुचित निवेश के आरोप में एक महीने के लिए अनिवार्य छुट्टी पर भेजा गया था। उस वक्त पाटिल ने उन पर लगे आरोपों से इनकार कर दिया था। इस मामले में कोर्ट ने निशित पाटिल को 19 मई तक पुलिस कस्टडी में रखने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अप्रैल 2024 में हबीबा जाफरी को अंधेरी स्थिति उनके बंगले के प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े मुद्दे पर बीएमसी की तरफ से नोटिस मिला था। इस दौरान उनकी मुलाकात बीएमसी अधिकारी महेश पाटिल से हुई थी। उस समय पाटिल जी साउथ वार्ड में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने हबीबा को उस समय इस मामले को सुलझाने का भरोसा दिया। उस समय पाटिल ने हबीबा को न्यू कमलकुंज नाम के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में निवेश करने की सलाह दी थी।
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पाटिल ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में 150 करोड़ रुपये लगाए जा चुके हैं। उन्हें नक्शे, लेटरहेड, प्रोजेक्ट की फर्जी तस्वीरें और वीडियो दिखाकार भरोसा जीता गया। जाफरी परिवार ने भरोसे में आकर अपने फ्लैट और बंगले को बेचकर पैस लगाया। पुलिस कस्टडी में निशित पाटिल ने यह बात कबूल कर ली कि सभी दस्तावेज नकली थे। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
